बायस-वेरिएंस ट्रेडऑफ़: बहुत सरल मॉडल में बायस ज़्यादा होता है (अंडरफ़िट); बहुत लचीले में वेरिएंस ज़्यादा (ओवरफ़िट), और दोनों को एक साथ कम नहीं किया जा सकता।
आगे
रेगुलराइज़ेशन (L1/L2): ट्रेनिंग के दौरान बड़े मॉडल वेट्स पर पेनल्टी लगाना ताकि वह शोर को याद करके ओवरफ़िट न कर सके।
संबंधित टॉपिक्स
रेगुलराइज़ेशन (L1/L2): ट्रेनिंग के दौरान बड़े मॉडल वेट्स पर पेनल्टी लगाना ताकि वह शोर को याद करके ओवरफ़िट न कर सके।
क्रॉस-वैलिडेशन: डेटा को कई अलग-अलग तरीकों से बांटना और परफ़ॉर्मेंस का औसत निकालना, ताकि कोई भाग्यशाली/बदकिस्मत स्प्लिट गुमराह न करे।